कोटद्वार। राज्य सरकार की हरी झंडी मिलते ही उत्तराखंड वन विकास निगम ने नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन सोमवार से मालन नदी में खनन चुगान का कार्य शुरू कर दिया है। मालन नदी में खनन कार्य शुरू होने से सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में निर्माण कर रही एजेंसियों को राहत मिली है। सोमवार को पहले दिन वन निगम को 18 ट्रैक्टर, डंपर और ट्रकों से आरबीएम (रिवर बेड मटीरियल) करीब 40 हजार की कमाई हुई है।
करीब एक साल के इंतजार के बाद सोमवार को क्षेत्र की एक मात्र मालन नदी में खनन कार्य शुरू हो गया है। उत्तराखंड वन विकास निगम की ओर से खनन के लिए पहले से ही तैयारी कर दी गई थी। वन विकास निगम के लौंगिग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट ने बताया कि धर्मकांटा स्थल पर सोमवार सुबह विधिवत तरीके से पूजा अर्चना के बाद खनन कार्य खुलवाया गया। पहले दिन करीब 40 हजार का आरबीएम बिक्री किया गया है। आरबीएम का प्रति क्विंटल मूल्य करीब 19 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें जीएसटी और आयकर अलग से वसूला जा रहा है। वन निगम की ओर से प्रति वाहन 48 रुपये उपखनिज की तुलाई अलग से ली जा रही है। नए वित्तीय वर्ष में वन निगम को करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 28579 घनमीटर उपखनिज उठान की अनुमति मिली है, जिसके लिए निगम की ओर से राज्य सरकार को पांच लाख रुपये की अग्रिम रायल्टी जमा करा दी गई है। एक अप्रैल 2019 से शुुरू होने वाला खनन ठीक दो माह तक चलेगा। 31 मई को मानसून सत्र के कारण नदी में खनन बंद कर दिया जाएगा। मानसून सत्र खत्म होने के बाद फिर से खनन कार्य प्रांरभ किया जाएगा।