कोटद्वार। विकासखंड यमकेश्वर के ग्राम पंचायत सार के ग्रामीण विगत एक साल से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने 15 दिन में आपूर्ति सुचारु नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रधान बलवीर सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत सार के 110 परिवारों के लिए 35 वर्ष पूर्व जल्ली-कड़थी गदेरे से पेयजल योजना बनाई गई थी। गांव में पेयजल संकट को देखते हुए ब्लॉक से राज्य वित्त में धनराशि स्वीकृत हुई, जिससे बीएफजी का निर्माण कराने के बाद पेयजल की आपूर्ति सुचारु होने लगी। गत वर्ष पेयजल किल्लत के मद्देनजर शासन ने जल निगम को पुन: धनराशि स्वीकृत की। जल निगम ने बरसात में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया, लेकिन कार्य पूरा नहीं होने के कारण पूरी गर्मियों में ग्रामीणों को पानी के लिए जूझना पड़ा।
ठेकेदार ने 400 मीटर पाइप लाइन का कार्य किया गया है। पहाड़ी से गुजरने वाली पाइप लाइन पर कई घूम दिए गए हैं, जिससे पाइप लाइन में पत्थर फंस रहे हैं। बागुड़िया नामक स्थान पर लाइन चोक होने से गांव में पानी कम पहुंच रहा है। संबंधित ठेकेदार को पाइपों को यथासंभव सीधा कर एक सप्ताह के भीतर आपूर्ति बहाल करने को कहा है।
-भारत सिंह रावत, अपर सहायक अभियंता, पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम कोटद्वार