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खननकारियों ने वन कर्मियों पर किया हमला, ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए

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कोटद्वार। भाबर की मालन नदी में अवैध खनन में संलिप्त एक ट्रैक्टर-ट्राली पकड़ने से गुस्साए खननकारियों ने वन कर्मियों पर हमला कर दिया। इसके बाद खननकारी अपना ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए। कोटद्वार के रेंजर की ओर से मारपीट करने वाले खननकारियों के खिलाफ कोटद्वार कोतवाली में लिखित तहरीर दी गई है। देर शाम तक इस मामले में मुकदमा कायम नहीं हुआ था।
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घटना बृहस्पतिवार देर रात की है। वन क्षेत्राधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि वन विभाग की टीम वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत को कौड़िया बैरियर से रिसीव कर भाबर के उदयरामपुर गांव छोड़ने गई थी। वन कर्मियों की टीम जैसे ही कोटद्वार की ओर बढ़ रही थी, इतने में अंधेरे में एक ट्रैक्टर-ट्राली में अवैध खनन कर रेत बजरी भरी जा रही थी। वन कर्मियों ने अवैध खनन के मामले में ट्रैक्टर ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया। पकड़े गए ट्रैक्टर चालक ने फोन से अपने साथियों और अन्य खननकारियों को इसकी सूचना दी। कुछ दूर आगे जाते ही मवाकोट के पास 15 से 20 खननकारियों ने ट्रैक्टर ट्राली जब्त कर उसे रेंज कार्यालय ले जा रहे वन विभाग के दैनिक श्रमिक नरेंद्र सिंह और वाहन चालक राकेश बिष्ट के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद वे ट्रैक्टर छुड़ा ले गए। रेंजर ने बताया कि मारपीट और जबरन ट्रैक्टर ट्राली को छुड़वाने के मामले में शशिकांत जोशी, संतोष जोशी, तेजप्रकाश गौड़, कुलदीप और सोनू चौधरी के खिलाफ शुक्रवार सुबह कोतवाली में तहरीर दी गई है। वरिष्ठ उपनिरीक्षक राकेंद्र कठैत ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।
उधर, क्षेत्र के कई ट्रैक्टर-ट्राली मालिकों और चालकों ने इस मामले में कहा कि जहां एक ओर बड़े खनन माफिया सरकारी संरक्षण में पोकलेन और जेसीबी से नदियों का सीना चीर रहे हैं, वहीं, जरूरत के लिए नदी से थोड़ा बहुत रेत बजरी लाने वाले ट्रैक्टर चालकों पर कानून की तलवार लटकाई जा रही है।
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