कोटद्वार। शादियों के सीजन में मैदानी रूट पर वाहनों की मारामारी है। शादी समारोहों में शामिल होने पहाड़ आए लोगों को वापसी में वाहनों के लिए भटकना पड़ रहा है। उत्तराखंड ही नहीं यूपी रोडवेज की बसें में भी खचाखच भरकर चल रही हैं।
कोटद्वार में बुधवार को मैदानी क्षेत्र की ओर जाने वाली सवारियां वाहनों के लिए भटकती रहीं। दिल्ली के लिए बस का इंतजार कर रहे कमल किशोर और केदार कंडवाल का कहना है कि कोटद्वार से पहाड़ की ओर की बसें तो आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन शादी के सीजन और त्योहारों के समय बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। बस के आते ही लोग उसमें सवार हो रहे हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सीट मिलना दूभर हो गया है। दिल्ली से कोटद्वार के लिए यूपी रोडवेज ने भी अपनी सेवाएं संचालित की हैं, लेकिन वे भी कम पड़ गई हैं। पूर्व डीआईजी बलराम सिंह नेगी का कहना है कि गढ़वाल का प्रवेश द्वार और मैदानी रूट का प्रमुख बस अड्डा होने के कारण कोटद्वार में अंतरराज्यीय बस अड्डे की दरकार है। मौजूदा बस अड्डे में बसों के खड़े होने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।
शादियों का सीजन चरम पर होने के कारण यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। सामान्य की तुलना में दस बसें अतिरिक्त भेजी जा रही हैं। दिल्ली के लिए 28 बसें संचालित की गईं। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा रही है। यूपी रोडवेज की बसें भी सवारी लेकर जा रही हैं।
-बीके सैनी, आरएम कोटद्वार डिपो
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