कोटद्वार। सनेह पट्टी की ग्राम पंचायत लालपानी के रामपुर गांव में गुलदार ने एक महिला को मार डाला। इसके बाद लैंसडौन वन प्रभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने पुलिस को महिला के शव को उठाने नहीं दिया। करीब आठ घंटे के बाद जनप्रतिनिधियों के समझाने और महिला के परिजनों को नौकरी दिलाने के आश्वासन के बाद परिजनों ने पुलिस को शव उठाने दिया। वन विभाग की ओर से मृतका के परिजनों को फिलहाल 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है। शनिवार सुबह पांच बजे रामपुर निवासी राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी माया देवी (40) घर के बाहर गाय को चारा देने जा रही थी। इस बीच गाय खुल गई और खेतों में भाग गई। गाय को लाने के लिए वह भी टॉर्च लेकर खेत की ओर चली गई। वहां गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। गुलदार ने उसकी गर्दन मेें घाव कर दिया। महिला के चीखने-चिल्लाने पर सो रहे परिजन और पड़ोस के लोग जाग गए। महिला की आवाज सुनकर उसका पति और पड़ोस के लोग अंधेरे में उसे ढूूंढने के लिए निकल पड़े। काफी देर तक ढूंढने के बाद ग्रामीणों को उसका खून में सना हुआ शव खेत पर पड़ा मिला।
वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन, आठ घंटे तक नहीं उठाने दिया शव
कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के रामपुर गांव में गुलदार के हमले से महिला की मौत की सूचना देने के बावजूद लैंसडौन वन प्रभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने पुलिस को महिला के शव को नहीं उठाने दिया। करीब आठ घंटे के बाद जनप्रतिनिधियों के समझाने और महिला के परिजनों को नौकरी दिलाने के आश्वासन के बाद परिजनों ने पुलिस को शव उठाने दिया।
शनिवार सुबह गुलदार के हमले में महिला के मौत की खबर पूरे सनेह और कोटद्वार में फैल गई। लोग खेत में एकत्र हो गए। वन विभाग को घटना की सूचना दिए जाने पर डीएफओ, एसडीओ और रेंज अधिकारी के छुट्टी पर होने की सूचना मिलते ही ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने शव का पंचनामा भरने पहुंचे पुलिस कर्मियों को शव को हाथ नहीं लगाने दिया। इस बीच, ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जनता को समझाने के लिए पहुंचे लैंसडौन विधायक दिलीप रावत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, एसडीएम राकेश तिवारी और कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल को भी लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। समाज सेवी महानंद ध्यानी और चंद्रेश लखेड़ा ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गुलदार का लगातार आतंक बना हुआ है। दो बार लोग डीएफओ कार्यालय में जाकर विरोध जता चुके हैं। उन्होंने बड़ी अनहोनी की शिकायत डीएफओ से की थी। तब वन विभाग की ओर से डीएफओ ने ग्रामीणों को सुरक्षा का आश्वासन दिया था, लेकिन सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए। ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को सरकारी नौकरी देने, परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने और गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। लैंसडौन विधायक दिलीप रावत और जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने किसी प्रकार लोगों को समझाया। एसडीएम ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने के लिए डीएम को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। सुमन कोटनाला ने वन विभाग की ओर से मुआवजे के 50 हजार रुपये मृतका के पति को दिए और वन मंत्री से वार्ता के बाद नौकरी देने का लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
वन विभाग ने लगाया गांव में पिंजरा
कोटद्वार। गुलदार के हमले से महिला की मौत के बाद वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि डीएफओ के निर्देश पर गांव में पिंजरा लगा दिया गया है। इसके अलावा, अन्य रेंजों से भी वन कर्मियों की तैनाती गांव में की गई है। क्षेत्र में गश्त तेज कर दी गई है।
सनेह क्षेत्र के लोग दहशत में जीने को मजबूर
कोटद्वार। सनेह पट्टी की पांच ग्राम पंचायतों की करीब 12 हजार की आबादी जंगली जानवरों के आतंक से परेशान है। रात होते ही क्षेत्र में गुलदार का आतंक मच जाता है और शाम ढलते ही आंगन में हाथी टहलने लगते हैं। जंगली जानवरों ने ग्रामीणों का दिन का चैन और रात की नींद उड़ा रखी है। लोग शासन-प्रशासन और वन विभाग से जंगली जानवरों पर अंकुश लगाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर हजारों की आबादी खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
ग्राम पंचायत ग्रास्टनगंज, रतनपुर, कुंभीचौड़, लालपानी और सनेह का क्षेत्र लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा से सटा हुआ है। लैंसडौन वन प्रभाग की ओर से हाथियों को रोकने के लिए हाथी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया गया था, लेकिन रामपुर के आधे हिस्से तक बनी हाथी सुरक्षा दीवार की कई स्थानों पर ऊंचाई कम होने के कारण हाथी दीवार फांदकर और रामपुर में सुरक्षा दीवार नहीं होने पर जंगल से निकलकर हाथी आबादी में धमकते रहते हैं। पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में गुलदार का आतंक भी है। अब तक गुलदार हमले की तीसरी घटना कर चुका है। गुलदार अब तक तीन लोगों पर हमला कर चुका है।
क्षेत्र में इस वर्ष गुलदार के हमले
10 अप्रैल : सनेह क्षेत्र के नाथूपुर गांव में साढ़े सात बजे घर के आंगन के पास खेल रहे पांच साल के दीपांशु पर गुलदार ने हमला कर दिया। किसी प्रकार बच्चा जान छुड़ाकर भागा। गंभीर रूप से घायल बच्चे का हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में गले का ऑपरेशन किया गया।
15 अगस्त : सनेह क्षेत्र के कुंभीचौड़ गांव में 40 वर्षीय कुसुम पंत घर के पास सड़क पर किसी काम से जा रही थी। तभी गुलदार ने उस पर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। वह राजकीय संयुक्त चिकित्सालय कोटद्वार में कई दिनों तक भर्ती रही।
क्या कहते हैं अधिकारी
गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। इसके अलावा मुआवजे की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की तैनाती की गई है। गांव के नजदीक झाड़ियों को कटाने की कार्रवाई की जाएगी। - मयंक शेखर झा, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग