कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार के रविवार को हुए चुनाव में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं वोट डालने में आगे रहीं। कुल 1,04,130 मतदाताओं वाले नगर निगम में 68,017 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें महिला मतदाताओं में मतदान को लेकर खासी उत्सुकता देखी गई। 52,918 में से 36,073 महिलाओं ने मतदान किया, जबकि 51,212 में से केवल 31,944 पुरुष मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
नवसृजित नगर निगम कोटद्वार का पहला चुनाव काफी दिलचस्प रहा। चुनाव बैलेट पेपर से होने के कारण मतदान काफी धीमी गति से हुआ। इसके कारण सुबह आठ बजे से देर रात तक बूथों पर मतदान के लिए कतार लगी रही। महिला सामान्य के लिए आरक्षित मेयर की इस सीट पर मतदान करने में भी महिलाओं ने ही बाजी मारी। सबसे अधिक मतदान का प्रतिशत (79.69) भाबर के जीआईसी जयदेवपुर बूथ पर रहा। यहां 1049 में से 836 मतदाताओं ने वोट डाले। सबसे कम मतदान राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिब्बूनगर में हुआ, जहां केवल 52 फीसदी मतदान हुआ।
तीन जोन में विभाजित नगर निगम के पहले जोन (कोटद्वार भाबर) में 64.77 प्रतिशत, जोन द्वितीय में 62.83 प्रतिशत और तीसरे जोन में 68.7 प्रतिशत मतदान रहा। राजकीय जूनियर हाईस्कूल उत्तरी झंडीचौड़, राजकीय इंटर कालेज जयदेवपुर और राजकीय प्राथमिक विद्यालय दलीपपुर में देर रात साढ़े दस बजे तक मतदान हुआ। लंबी लाइन होने के कारण कई मतदाता बिना वोट दिए ही लौट गए। एडीएम पौड़ी/रिटर्निंग अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने बताया कि कोटद्वार नगर निगम चुनाव में 65.32 फीसदी मतदान हुआ। मतदान खत्म होते ही देर रात पोलिंग पार्टियों ने अपने बस्ते और बैलेट बाक्स राजकीय महाविद्यालय कोटद्वार में बनाए गए स्ट्रांग रूम में जमा करवाए।
सुबह पांच बजे तक चलता रहा बैलेट बाक्स जमा कराने का काम
कोटद्वार। पोलिंग पार्टियों के लौटने के बाद प्रशासन ने प्रत्याशियों को रात 2:30 बजे स्ट्रांग रूम सील करने की सूचना दी। प्रशासन ने प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को मौके पर बुलवाया, लेकिन देर रात होने के कारण कई प्रत्याशी न तो स्वयं ही मौके पर पहुंचे और न ही उन्होंने कोई प्रतिनिधि भेजा। पूर्व पालिकाध्यक्ष ठाकुर विजय नारायण सिंह ने प्रशासन द्वारा देर रात स्ट्रांग रूम सील करने के लिए बुलाए जाने पर गहरी नाराजगी जताई। प्रशासन ने सुबह 5:10 बजे स्ट्रांग रूम सील कर दिया।