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वर्कशॉप से चल रहा कोटद्वार का रोडवेज बस अड्डा

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कोटद्वार। उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो के आधुनिकीकरण की योजना सफेद हाथी साबित हो रहा है। कोटद्वार डिपो की कार्यशाला के निर्माण के लिए यहां खूनीबड़ में चयनित भूमि पर सात साल बाद भी कोई काम नहीं हुआ, जिससे कोटद्वार डिपो खस्ताहाल बना हुआ है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी रोडवेज डिपो के आधुनिकीकरण की घोषणा की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो का अपना बस अड्डा नहीं होने के कारण स्टेशन रोड स्थित कार्यशाला से ही बसों का संचालन होता आ रहा है। कार्यशाला में बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बसों का संचालन स्टेशन रोड से ही होता आ रहा है। वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी के निर्देश पर कोटद्वार डिपो की कार्यशाला के लिए यहां खूनीबड़ में 0.265 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई थी, लेकिन तब से कार्यशाला के निर्माण का मामला अधर में ही लटका रहा। वर्ष 2012 में कांग्रेस सत्तासीन हुई और तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी कार्यशाला के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की, लेकिन बस अड्डे के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव धरातल पर नहीं उतरा। वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के बाद तीन जून 2017 को कोटद्वार आगमन के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एक बार फिर कार्यशाला के निर्माण को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया, लेकिन एक साल बाद भी समस्या हल नहीं हुई।
उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो का अपना बस अड्डा नहीं होने के कारण बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही है। स्थिति यह है कि जहां कुछ बसें स्टेशन रोड पर ही खड़ी रहती है और यही से सवारियां बैठायी जाती है, वहीं कुछ बसों का संचालन कार्यशाला से ही करना पड़ रहा है। एजीएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि योजना के पहले चरण में खूनीबड़ में स्वीकृत भूमि पर वर्कशॉप का निर्माण और अस्थायी बस अड्डे के निर्माण की योजना है, जबकि योजना के दूसरे चरण में स्टेशन रोड स्थित रोडवेज की कार्यशाला में बस अड्डा निर्माण की योजना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यह मसला शासनस्तर पर लंबित है और स्वीकृति मिलने का इंतजार हो रहा है। बस अड्डा नहीं होने से बसों के संचालन में परेशानी हो रही है।
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