कोटद्वार। ग्राम पंचायत निंबूचौड़ के ग्रामीणों ने जामुन स्रोत की बाढ़ से होने वाले भूकटाव की सुरक्षा करने की मांग की है। उन्होंने उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर स्रोत पर सुरक्षा दीवार बनवाने की मांग की।
मंगलवार को ग्राम प्रधान सुमन रावत के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील में पहुंचे। उन्होंने एसडीएम के समक्ष बाढ़ से उनके मकान और उपजाऊ भूमि को होने वाले नुकसान से बचाने की गुहार लगाई। कहा कि तीन अगस्त को जामुन स्रोत के उफान से भूकटाव होने के कारण नदी का रुख गांव की ओर हो गया है। इससे गांव में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। आने वाले समय में इसी प्रकार बारिश होने पर बाढ़ स्रोत के नजदीक के 15-20 घरों को चपेट में ले सकता है। बताया कि जिस स्थान पर कटाव हो रहा है, वह वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। उन्होंने गांव की सुरक्षा को देखते हुए मौके का मुआयना कर संबंधित विभाग को शीघ्र सुरक्षा दीवार बनाने के लिए निर्देशित करने की मांग की।
इस अवसर पर नरेंद्र ध्यानी, विक्रम सिंह, भारत सिंह, खुशीराम जोशी, चंद्रमोहन, विक्रम सिंह रौतेला, हर्षमोहन बिष्ट, महेंद्र भट्ट, धनीष तिवाड़ी, लीला नंद, मंगल सिंह रावत, राहुल ध्यानी, जगत सिंह रावत व जगदीश आदि मौजूद थे।
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बाढ़ से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने की मांग
कोटद्वार। नगर पालिका क्षेत्र जौनपुर के लोगों ने पनियाली गदेरे से बाढ़ के पानी को कालोनी में आने से रोकने की मांग की है। उन्होंने एसडीएम को पत्र सौंपकर शिवपुर को जाने वाले पुल के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने का आग्रह किया है।
स्थानीय निवासी रविंद्र सिंह, अवतार सिंह बिष्ट ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि चार अगस्त को आई भीषण बाढ़ के कारण पनियाली गदेरे में शिवपुर को जाने वाले पुल से सटे ट्रांसफार्मर के पास भू कटाव हो गया। इसके कारण पूरे बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस गया। कहा कि भविष्य में बाढ़ का पानी जौनपुर क्षेत्र की ओर रोकने के लिए उक्त स्थान पर बाढ़ सुरक्षा बनाई जानी आवश्यक है। उन्होंने जौनपुर वासियों की जानमाल की सुरक्षा के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।