कोटद्वार। जौनपुर के स्कूल ड्रेस विक्रेता की ओर से एक अभिभावक के साथ की गई अभद्रता के विरोध का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) ने मामले में तहसील में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर स्कूल ड्रेस विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और क्षेत्र के प्राइवेट स्कूलों की शिक्षण सामग्री वितरण व्यवस्था की जांच कराने की मांग की गई। मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा गया।
शुक्रवार को एवीबीपी के कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने प्रांत खेल संयोजक गौरव जोशी के नेतृत्व में ड्रेस विक्रेता द्वारा एक अभिभावक के साथ की गई अभद्रता के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि बुधवार को हुई घटना ने अभिभावकों के अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। शिक्षा के व्यापारीकरण के चलते स्कूलों के मनमाने शोषण और दुकानदारों के रवैये की विद्यार्थी परिषद कड़ी भर्त्सना करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून प्राइवेट स्कूलों पर लागू नहीं होने से प्राइवेट शिक्षण संस्थान दुकानदारों के साथ मिलकर निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि वसूलकर क्षेत्र के अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं।
इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी, प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कर नए शैक्षिक सत्र में प्राइवेट स्कूूलों से नियमों के पालन करवाने के लिए विद्यालयों का निरीक्षण करने और आरोपी ड्रेस विक्रेता के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। प्रदर्शन करने वालों में जिला संयोजक आकाश रावत, रजत मेहरा, शुभम सुंद्रियाल, शुभम, नवीन भट्ट व नितिन आदि शामिल रहे।
-फोटो