कोटद्वार। हिंवल घाटी त्रिवेणी संगम गुरु विशिष्ट आश्रम में आयोजित बैसाखी मेले में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। उत्तराखंड संस्कृति विभाग की ओर से राकेंद्र सिंह रौथाण और साथी कलाकारों ने गढ़वाली लोक संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेले में समा बांधा।
ग्राम पंचायत भवांसी में आयोजित मेले में संस्कृति विभाग की टीम ने लोक गायक प्रकाश गढ़वाली के निर्देशन में संध्या झूली..., हिमवंत देश रौतेली डांड्यूं मां.., हे दीदी हे भुली हे ब्वारी.., हे दर्जी दीदा मैकु अंगणि बणै दे.. आदि लोक गीतों पर आकर्षक प्रस्तुति दी। इसके अलावा टीम के सदस्यों ने ढोल दमाऊं के साथ मंडाण प्रस्तुत कर गढ़वाल की लोक संस्कृति की छटा बिखेरी। इस अवसर पर गायक राकेंद्र रौथाण, गौरव कुमार, देवेंद्र कुमार, प्रकाश गढ़वाली, रश्मि रावत व कंचन रावत ने लोकगीत प्रस्तुत किए। आशीष केष्टवाल, आकाश नेेगी, अभिषेक, पूजा चौधरी, शिल्पा, नूतन व प्रिया प्रजापति ने लोक नृत्य प्रस्तुत किया। आर्गन पर अखिल मैंदोला, ढोलक पर उदय सिंह और तबले पर सुधांशु बिष्ट ने संगत दी।