कोटद्वार। निर्वाचन आयोग की ओर से आचार संहिता लागू होने के बाद से कोटद्वार, लैंसडौन और यमकेश्वर का प्रशासन पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गया हैं। जिले में सबसे अधिक वोटर संख्या वाली कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र को तीन जोन और दस सेक्टरों में विभाजित किया गया । यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में आठ जोन और 20 सेक्टर, लैंसडौन को पांच जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है।
कोटद्वार विधान सभा क्षेत्र
सबसे अधिक वोटर संख्या वाला क्षेत्र हैं। इस बार एक लाख पांच हजार लोग मतदान करेंगे। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में संपूर्ण नगर निगम क्षेत्र के अलावा कालागढ़ के नौ पोलिंग बूथ भी शामिल हैं। इसमें कार्बेट नेशनल पार्क के वन कर्मी, उनके परिजन और रामगंगा बांध परियोजना के कर्मचारी और अधिकारी मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में 124 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जीआईसी, जीजीआईसी और जीजीआईसी घमंडपुर समेत तीन जोन बनाए गए हैं। कोटद्वार जीआईसी जोन में चार सेक्टर सुखरो देवी, जीआईसी सुखरो और जीआईसी कोटद्वार बनाए गए हैं। जीजीआईसी जोन में भी तीन सेक्टर जीआईसी कोटद्वार, कुंभीचौड़ और रामगंगा इंटर कालेज कालागढ़ सेक्टर बनाए गए हैं। तीसरे घमंडपुर जोन में चार सेक्टर लोकमणिपुर, कलालघाटी, शिवराजपुर और घमंडपुर बनाए गए हैं। सभी जोन में जोनल और सभी सेक्टरों में सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिए गए हैं। कोटद्वार में 1,04,544 मतदाता वोट करेंगे। जिसमें 52912 पुरुष मतदाता और 51630 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र में 1796 सर्विस मतदाता हैं। एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र
एसडीएम लैंसडौन अर्पणा ढौंडियाल ने बताया कि लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र में 133 बूथ बनाए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र को 5 जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 80038 है, जिसमें 42030 पुरुष और 38008 महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 3730 सर्विस मतदाता भी हैं।
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र
यमकेश्वर के एसडीएम श्याम सिंह राणा ने बताया कि यमकेश्वर विधानसभा में सबसे अधिक 171 पोलिंग बूथ हैं। यहां 31 जनवरी तक बनी निर्वाचक नामावली के अनुसार कुल मतदाताओं की संख्या 84543 है, जिसमें 44443 पुरुष और 40099 महिला मतदाता हैं। यहां 1996 सर्विस मतदाता हैं। बड़ा भौगोलिक क्षेत्रफल होने के कारण विधानसभा को 8 जोन और 20 सेक्टरों में बांटा गया है।