कोटद्वार। पूर्व सैनिकों के घर से लाखों की चोरी का खुलासा नहीं होने से आक्रोशित पूर्व सैनिकों ने खुलासे की मांग को लेकर शहर में जुलूस निकालकर कोतवाली और तहसील में प्रदर्शन किया। इस बीच ज्ञापन न लेने पर प्रदर्शनकारियों की एसडीएम कमलेश मेहता से नोकझोंक हुई जिस पर पूर्व सैनिकों ने एसडीएम का घेराव किया और करीब एक घंटे तक तहसील में जमकर हंगामा काटा। पुलिस के बीच बचाव के बाद एसडीएम के ज्ञापन लेने के बाद मामला शांत हुआ।
बृहस्पतिवार को पूर्व सैनिक, अर्द्ध सैनिक सामाजिक संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और बालासौड़ की महिलाएं हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। लोग शहर के मुख्य मार्गों से जुलूस निकालकर कोतवाली पहुंचे। वहां उन्होंने बालासौड़ में 16 और 24 अक्तूबर को पूर्व सैनिकों के घर हुई चोरियों का खुलासा न होने पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया और सीओ का घेराव किया। सीओ ने शीघ्र चोरों को पकड़ने के आश्वासन दिया। इसके बाद लोग नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। तहसील पहुंचकर पूर्व सैनिकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
तहसील में उस समय पूर्व सैनिक भड़क गए जब संगठन के अध्यक्ष आनंद बल्लभ घिल्डियाल के तीन बार एसडीएम से ज्ञापन लेने के कार्यालय के बाहर आने के अनुुुरोध के बाद भी एसडीएम कार्यालय के बाहर नहीं आए। एसडीएम ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बाहर आने से मना कर दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी और हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम पिछले दरवाजे से निकलकर अपने वाहन से कहीं और जाने लगे तो लोगों ने उनके वाहन के आगे लेटर उनका रास्ता रोक लिया। वाहन से उतरते ही लोगों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका घेराव कर दिया। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने करीब एक घंटे तक तहसील में जमकर हंगामा काटा। प्रदर्शनकारियों की धक्का मुक्की के बीच किसी प्रकार पुलिस ने बीच बचाव किया। बाद में दोनों पक्षों की ओर से माफी मांगने पर मामला शांत हुआ । प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मुख्य मंत्री से कोटद्वार में बदहाल हो चुकी कानून व्यवस्था को ढर्रे पर लाने और चोरियों का शीघ्र खुलासा करने की मांग की।
इस मौके पर संगठन के संरक्षक धीरेंद्र सिंह चौहान, अध्यक्ष आनंद बल्लभ घिल्डियाल, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, सीपी डोबरियाल, राजेंद्र सिंह नेगी, पार्षद नीरूबाला खंतवाल, राजाराम अणथ्वाल, बीरेंद्र थलेड़ी, राकेश देवरानी, मनोहर सिंह बिष्ट, जयप्रकाश डंगवाल, सुनीता रतूड़ी, प्रदीप बलूनी, अनुसूया प्रसाद सेमवाल आदि बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और महिलाएं शामिल रहे।