कोटद्वार। जिलाधिकारी सुशील कुमार ने कोटद्वार भाबर के घमंडपुर मोटाढांक गांव में अनुसूचित जनजाति और सामान्य व्यक्ति के बीच हुए भूमि के विनियम को अवैध एवं नियम विरुद्ध घोषित करते हुए मामले की जांच के आदेश एसडीएम कोटद्वार कमलेश मेहता को दिए हैं। इस मामले में भूमि की अदला-बदली करने के आदेश देने वाले तत्कालीन एसडीएम पर गाज गिरने की संभावना है। डीएम ने यह आदेश कोटद्वार निवासी आशीष जदली की गढ़वाल कमिश्नर से की गई शिकायत पर दिए हैं।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि बोक्सा जनजाति के कुंदन सिंह पुत्र शेर सिंह निवासी पदमपुर मोटाढांक के खाता संख्या-09 तथा सामान्य जाति के विनोद कुमार पुत्र मूलचंद निवासी ग्राम घमंडपुर मोटाढांक खाता संख्या-06 के मध्य वाद संख्या 02/2012-13 में भूमि का सटवारा (एक्सचेंज) धारा-161 जमीदारी विनाश अधिनियम के अंतर्गत छह अक्तूबर, 2015 को एसडीएम द्वारा किया गया है। यह अवैध एवं नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि एक बार पूर्व में इस भूमि पर अदला-बदली की कार्यवाही को तत्कालीन एसडीएम द्वारा सात अगस्त, 2014 को निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद छह अक्तूबर, 2015 को इसी भूमि की अदला-बदली (विनिमय धारा-161) करना अवैध और नियम विरुद्ध है। डीएम ने अपने आदेश में कहा कि जमीदारी विनाश अधिनियम के तहत अनु. जनजाति के व्यक्तियों की भूमि हस्तांतरण की जानी अनुमन्य नहीं है।
डीएम सुशील कुमार ने एसडीएम कोटद्वार को उक्त प्रकरण की संपूर्ण जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि उक्त क्षेत्र जिला विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आता है तो उस पर किए जा रहे निर्माण कार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।