कोटद्वार। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम विरोध संघर्ष समिति से जुड़े सुखरौ पट्टी के ग्रामीण देवी मंदिर स्थित सुखरौ पटवारी चौकी में एकत्र हुए। यहां ग्रामीणों ने राज्य सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। कहा कि कोटद्वार भाबर की जनता पर जबरन नगर निगम थोपा गया है। नगर निगम से विकास नहीं, लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। कल तक जो समस्याएं तीन वर्ग किमी में स्थित नगरवासी झेलते थे, वहीं समस्याएं अब भाबर के 73 गांवों के लोगों को झेलनी पड़ेंगी।
कहा कि भाबर के 80 फीसदी क्षेत्र में खेती होती है। इससे लोगों को कृषि, उद्यान के साथ ही ग्रामीण योजनाओं के लाभ की दरकार है। पुतला दहन करने वालों में डॉ. शक्तिशैल कपरवाण, प्रवेंद्र सिंह रावत, विजय ध्यानी, राजाराम अण्थ्वाल, गजेंद्र तिवारी, प्रदीप नेगी, राजेश्वरी रावत, भागीरथी रावत, सुभागा रावत, मालती नेगी, शांति असवाल, कृष्णा काला, पूजा त्यागी, सुषमा सैनी, नीलू सैनी, रीता देवी, शकुंतला, जयगोपाल शर्मा, नागेंद्र रावत, विजय कंडारी, धर्मेंद्र रावत, मनोहर सिंह रावत, प्रवेश चंद्र नवानी, चंद्रमोहन सिंह, प्रीति देवी, राकेश कुमार, मनीष बिष्ट मौजूद थे।
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। बिना जनसुनवाई और जनभावनाओं के विपरीत कोटद्वार भाबर की 35 ग्राम पंचायतों की 73 गांवों को कोटद्वार नगर निगम में शामिल करने के विरोध में नगर निगम विरोध संघर्ष समिति और यूकेडी ने देवीमंदिर तिराहे पर राज्य सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया। उधर, नगर निगम के विरोध में कोटद्वार भाबर की सभी चारों पटवारी चौकियों पर समिति के सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक सरकार नगर निगम के शासनादेश को वापस नहीं लेती, तब तक ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे।
उधर, सनेह पट्टी की कुंभीचौड़ पटवारी चौकी, मोटाढांक की नंदपुर और हल्दूखाता की कलालघाटी चौकी में भी नगञर निगम विरोध संघर्ष समिति और यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया।
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चंद्रमोहन शुक्ला