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गैरसैण में शुरू होने वाले सत्र का राज्य आंदोलनकारी करेंगे विरोध

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धुमाकोट। आगामी सात दिसंबर से गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र का राज्य आंदोलनकारी विरोध करेंगे। अपनी 11 सूत्री मांगों पर अडिग चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति ने गैरसैंण में विधानसभा सत्र का विरोध करने का फैसला किया है।
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केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडे और मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार सात माह पूरे होने के बावजूद गैरसैंण स्थायी राजधानी, चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, उचित पेंशन भुगतान, चिह्नीकरण से वंचित सक्रिय आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण आदि मांगों पर मौन बनी हुई है। उधर, चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर निरंतर आंदोलित है। कई बार मुख्यमंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित करने के बावजूद प्रदेश सरकार आंदोलनकारियों की मांगों के निस्तारण को लेकर लापरवाह बनी हुई है और उनकी उपेक्षा कर रही है। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने सात दिसंबर से गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र का विरोध और घेराव करने का निर्णय लिया है। समिति के केंद्रीय महामंत्री बीरेंद्र सिंह असवाल, चमोली जिलाध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट, रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष जीत सिंह राणा के नेतृत्व में घेराव समिति का गठन कर लिया गया है। घेराव के लिए पूरे प्रदेश से आंदोलनकारी गैरसैंण पहुंचेंगे। इसके साथ ही गैरसैंण स्थायी राजधानी आदि मांगों को लेकर अनेक प्रांतों से प्रवासी आंदोलनकारी भी गैरसैंण घेराव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार को चेताया कि सत्र से पूर्व स्थायी राजधानी सहित अन्य सभी मांगों पर निर्णय दिया जाए, अन्यथा प्रदेश में एक बार फिर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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