कोटद्वार। स्कूल ड्रेस विक्रेता द्वारा एक अभिभावक के साथ की गई अभद्रता और इसमें संबंधित स्कूल की भूमिका की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को पौड़ी के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) मदन सिंह रावत और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एलआर खुगशाल ने स्कूल पहुंचकर प्रबंधन और अभिभावकों के बयान दर्ज किए। सीईओ ने बताया कि कोई भी विद्यालय स्कूल ड्रेस और पुस्तकों की खरीद के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकता है। ऐसा मामला सामने आता है तो वे उपशिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकता है। उधर, स्कूल ड्रेस विक्रेता द्वारा अभद्रता प्रकरण से संबंधित विद्यालय ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। कान्वेंट स्कूल के प्रबंधन ने अभद्रता के आरोपी सिद्धबली स्कूल ड्रेस विक्रेता को नोटिस भेजकर 14 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
दो दिन पूर्व जौनपुर स्थित सिद्धबली स्कूल ड्रेस विक्रेता द्वारा सिमलचौड़ के एक अभिभावक के साथ हुई कथित अभद्रता मामले का वायरल हुआ वीडियो शासन तक पहुंच गया है। इस मामले को प्राइवेट स्कूलों की स्कूल ड्रेस और पाठ्य पुस्तकों की खरीद को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सीईओ मदन सिंह रावत ने कोटद्वार पहुंचकर कान्वेंट स्कूल पहुंचकर प्रबंधक और स्कूल प्रशासन से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए। इस दौरान उन्होंने स्कूल के बाहर मौजूद अभिभावकों के बयान भी दर्ज किए। बताया कि मामले में स्कूल प्रबंधन का पक्ष जाना गया है। विद्यालय ने स्कूल ड्रेस विक्रेता से किसी भी तरह का अनुबंध न होने की बात कही। कहा कि अभिभावक कहीं से भी स्कूल ड्रेस खरीद सकते हैं। स्कूूल के बाद जांच अधिकारी कई और स्कूल ड्रेस विक्रेताओं के यहां पहुंचे। उनके यहां से जानकारी हासिल की गई। उधर, एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि उनकी ओर भी मामले की जांच की जा रही है। विद्यालय को नोटिस भेजा गया है।.
शिक्षा विभाग को अभी तक नहीं मिली कोई लिखित तहरीर
खंड शिक्षा अधिकारी एलआर खुगशाल ने बताया कि विभाग को अभिभावक या पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अब तक की जांच केवल वायरल वीडियो के आधार पर हो रही है। कहा कि ऐसा कोई मामला होने पर अभिभावक विभाग में लिखित शिकायत कर सकते हैं।
-फोटो