कोटद्वार। अनियमिता पाए जाने पर एसडीएम की संस्तुति के बाद डीएम पौड़ी ने कोटद्वार भाबर के उपखनिज भंडारण के चार पट्टे निलंबित कर दिए हैं। आदेश में भंडारणकर्ताओं के आवश्यक प्रपत्रों पर रोक लगाने के साथ ही ई-रवन्ना आईडी भी बंद कर दी गई है।
एक सप्ताह पूर्व एसडीएम मनीष कुमार सिंह, एआरटीओ आरएस कटारिया और कोतवाल मनोज रतूड़ी की संयुक्त टीम ने कौड़िया चेकपोस्ट से उपखनिज के पांच डंपर पकड़े थे। इन डंपरों के पास से भाबर के एक स्टोन क्रशर और कुछ उपखनिज भंडारण केंद्रों के रवन्ने मिले थे। इस मामले में प्रशासन ने उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही खनन सामग्री से भरे पांच डंपरों को सीज कर चालकों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर पौड़ी जेल भेज दिया था।
बताया जा रहा है कि अवैध खनन के तार डोईवाला और हरिद्वार तक जुड़े हुए हैं। डोईवाला और हरिद्वार से केवल रवन्नों पर ही उपखनिज आ रहा है, जबकि माल यूपी में ही बेचा जा रहा है। पार्षद जगदीश मेहरा, विपिन डोबरियाल, राकेश बिष्ट और ग्रामीण देवेंद्र सिंह ने बताया कि भाबर में अवैध खनन और भंडारण की शिकायत एसडीएम से की गई है।
ई-रवन्नों में प्रथम दृष्ट्या अनियमिता पाए जाने पर कोटद्वार क्षेत्र के चार उपखनिज भंडारण शुभलोक रावत, केशर सिंह बिष्ट, प्रवीन कुमार सिंह रावत और नरेंद्र कुकरेती की अनुज्ञा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है। उपनिदेशक खनन स्तर से इन भंडारणकर्ताओं के ई-रवन्ना जारी करने पर भी रोक लगा दी गई है।
मनीष कुमार सिंह, एसडीएम कोटद्वार