कोटद्वार। मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए कोटद्वार भाबर के गांवों से अगले दस वर्षों तक किसी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाएगा। साथ ही अब कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में मैदानी मानकों को समाप्त करते हुए पर्वतीय मानकों के अनुरूप प्राधिकरण के नियम लागू होंगे। उन्होंने कहा कि इन दोनों मसलों पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से उन्हें आश्वासन मिला है।
मेयर हेमलता नेगी ने बताया कि नगर निगम की विभिन्न समस्याओं को लेकर वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलीं। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री के बाद उन्होंने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से भी मुलाकात की। मेयर ने बताया कि उनके द्वारा नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए गए ग्रामीण क्षेत्र और पूर्व की ग्राम पंचायत के निवासियों को अगले दस साल तक के लिए समस्त करों से मुक्त रखने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में कर्मचारियों को सी श्रेणी का पर्वतीय भत्ता दिया जाता है, जबकि प्राधिकरण में मैदानी दरों पर नक्शा पास कर लोगों से भारी भरकम फीस वसूली जा रही है। एक ही शहर में दो मानक नहीं हो सकते, इसलिए उन्होंने कोटद्वार में प्राधिकरण को पर्वतीय मानकों के अनुरूप संचालित किए जाने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने परीक्षण करवाने का आश्वासन देते हुए समस्या का समाधान करने को कहा है।
मेयर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में पेयजल, सीवर व्यवस्था, ट्रंचिंग ग्राउंड, जलभराव, सफाई व्यवस्था, लावारिस पशुओं की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समाधान का भरोसा दिया। मेयर ने कहा कि 18-20 जनवरी तक सभी विकास कार्यों के प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री को भेज दिए जाएंगे। बजट मिलते ही नगर निगम के विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, पार्षद विपिन डोबरियाल, कुलदीप कांबोज, प्रवेंद्र सिंह रावत, विवेक शाह, गिंदी दास, अनिल रावत, नईम अहमद और गुड्डू चौहान मौजूद थे।
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