कोटद्वार। पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने नशे के खिलाफ और कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग को लेकर धरना दिया। उन्होंने नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री से विधानसभा सत्र में सख्त कानून पारित करने और शीघ्र केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर नशे के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को परिषद के अध्यक्ष जीके बड़थ्वाल के नेतृत्व में पूर्व सैनिक तहसील मेें एकत्र हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर सांकेतिक धरना दिया। पूर्व सैनिकों ने तहसीलदार के माध्यम से उनकी मांग पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस अवसर पर आयोजित सभा में उन्होंने प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि कोटद्वार शहर में नशे के कारोबारी अपनी जड़ें फैला रहे हैं। शहर के युवा और स्कूली बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं। पुलिस नशे में लिप्त अपराधियों को पकड़ती है, लेकिन सख्त कानून न होने के कारण वे जल्द छूट जाते हैं। कहा कि प्रदेश सरकार को विधानसभा सत्र में उत्तराखंड कोका कानून अधिनियम पारित कर जल्द ही लागू करना चाहिए। इसमें नशे के कारोबार में लिप्त लोगों के लिए छह माह से पांच साल तक की सजा निर्धारित की जाए।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों ने प्रदेश सरकार पर कोटद्वार वासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कहा कि कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने के लिए जनता लंबे समय से मांग कर रही है बावजूद इसके अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने प्रदेश सरकार से शीघ्र कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की मांग की।
इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कै. सीपी डोबरियाल, सचिव महानंद ध्यानी, बलवान सिंह रावत, अनूप बिष्ट, दर्शन सिंह रावत, शूरवीर सिंह खेतवाल, गोविंद डंडरियाल, दर्शन सिंह रावत, दिवाकर लखेड़ा, बालकृष्ण व मुन्ना फौजी आदि मौजूूद रहे।
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