फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पनियाली गदेरे से बाढ़ का खतरा बरकरार, सेना ने संभाला मोर्चा

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

कोटद्वार। आपदा में जहां सरकारी मशीनरी राहत कार्य में जुटी है, वहीं क्षेत्र में भारी बरसात से लोग सहमे हुए हैं। मौसम विभाग की अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी से बरसाती गदेरों के किनारे बसे लोग दहशतजदा है। अतिक्रमण के चलते संकुचित हो चले पनियाली गदेरे से बाढ़ के खतरे को देखते हुए सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। सेना की ओर से अपनी सीएसडी कैंटीन और एमटी कैंप की सुरक्षा के लिए पनियाली गदेरे को चैनेलाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है। सेना ने ईसीएचएस सेवाएं जहां कौड़िया कैंप में शिफ्ट कर दी हैं, वहीं एक सप्ताह के अंदर सीएसडी कैंटीन भी शुरू कर दी जाएंगी।
विज्ञापन

तीन और चार अगस्त की रात को पनियाली गदेरे की बाढ़ की चपेट में आकर तबाह हुए सीएसडी कैंटीन और एमटी कैंप की दशा सुधारने के लिए सेना की ओर से मलबा हटाने और पनियाली गदेरे को चैनेलाइज करने का काम तेज कर दिया गया है। एमटी कैंप के सूबेदार मेजर यशवंत सिंह ने बताया कि बाढ़ से कैंप को बहुत नुकसान पहुंचा है। कैंप की सुरक्षा के लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी राहत और बचाव कार्य पर नजर रखे हुए हैं। पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए ईसीएचएस सेवाएं कौड़िया कैंप से संचालित की जा रही हैं। जल्द ही कैंटीन सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पनियाली गदेरे की ओर से बाढ़ सुरक्षा इंतजाम पर फोकस किया जा रहा है। हालांकि, इन कैंपों में मलबा सफाई का पूरा काम बरसात खत्म होने के बाद ही किया जाएगा। सेना की ओर से सिविल प्रशासन को पनियाली गदेरे में हुए अतिक्रमण और इससे उपजे बाढ़ के हालात के प्रति चिंता जता दी गई है। सीएसडी कैंटीन के पास पनियाली गदेरे में अतिक्रमणकर बनाए गए बने भवनों से एक बार फिर बाढ़ का पानी आबादी में घुसने की आशंका जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें