कोटद्वार। इंटरमीडिएट कालेज कांडाखाल बचाओ संघर्ष समिति की कांडाखाल में हुई बैठक में विद्यालय के राजकीयकरण की मांग की गई। इस मौके पर क्षेत्र की 16 ग्राम पंचायतों की ओर से मुख्यमंत्री को सामूहिक प्रस्ताव भेजा गया।
बुधवार को कांडाखाल में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कांडाखाल व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेशानंद धूलिया ने की। समिति केे संयोजक पूर्व सैनिक सत्यप्रसाद कंडवाल ने कहा कि इंटर कालेज कांडाखाल की गत 21 वर्षों में बदतर हालत में पहुंच गया है। गत वर्ष 19 अक्तूबर से 29 दिसंबर तक समिति ने विद्यालय के राजकीयकरण की मांग को लेकर कांडाखाल से लेकर देहरादून गांधी चौक तक आंदोलन किया। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विद्यालय के प्रांतीयकरण के आदेश भी दिए, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रतन कंडवाल ने कहा कि नई सरकार के गठन होते ही समिति ने यह मामला क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूडी, कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और मुख्यमंत्री के समक्ष उठा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पूर्व प्रधानाचार्य एसपी बिंजोला ने कहा कि 21 वर्षों से विद्यालय शिक्षकविहीन हो गया है। ग्राम प्रधान उडियारी मुनेश्वर दत्त धूलिया ने कहा पिछले डेढ़ साल से क्षेत्रवासी विद्यालय को अधिग्रहण करते हुए प्रांतीयकरण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्राम प्रधान बिरमोली धर्म पाल सिंह बिष्ट, ग्राम प्रधान सुंडल विरेंद्र प्रसाद भट्ट, ग्राम प्रधान कांडा साधना देवी, ग्राम प्रधान जवाड सुमति देवी, प्रधान हतनूड़ मीना देवी, प्रधान बनाली विशेश्वरी देवी का कहना है कि विद्यालय की सभी समस्याओं का निदान इसके राजकीयकरण में है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य गणेश कंडवाल ने कहा 1996 से इंटर स्तर पर मान्यता प्राप्त विद्यालय में आज तक इंटर स्तर पर एक भी अध्यापक नहीं है। बैठक में सिद्धानंद भट्ट, भैड़गांव की प्रधान सलमा बेगम, झटरी के ग्राम प्रधान अनिल कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।