कोटद्वार। रियल इस्टेट की कंपनी पीएसीएल में अपना पैसा लगा चुके निवेशकों और अभिकर्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन कर सरकार से लोगों का पैसा वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मंगलवार को कंपनी में पैसा लगाने वाले निवेशक जुलूस की शक्ल में तहसील में पहुंचे। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर निवेशकों ने बताया कि 1996 में पीएसीएल लिमिटेड नाम की एक रियल इस्टेट की कंपनी शुरू हुई थी। कंपनी द्वारा भूखंड देने के नाम पर एकमुश्त एवं किस्त की योजना चलाई, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने स्थानीय एजेंटों के विश्वास पर बड़ी संख्या में निवेश कर दिया। इसके बाद अचानक भारत सरकार ने कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आरएम लोढा कमेटी का गठन किया और उसे कंपनी की संपत्ति को बेचने का अधिकार देकर छह माह के अंदर निवेशकों का पैसा वापस दिए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक निवेशकों के पैसे वापस नहीं दिए जा रहे हैं। इसके कारण कोटद्वार-भाबर क्षेत्र के निवेशक मायूस हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए उनकी रकम को वापस दिलाने की मांग की। इस अवसर पर सुखदेव शास्त्री, लक्ष्मी बिष्ट, बलवीर सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह, शशि गौड़, रविंद्र सिंह, संतोषी रावत, सुल्तान सिंह व विनीता भारती आदि मौजूद थे।
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