सोमवार को स्थायी रूप से राजकीय महाविद्यालय बहादरपुर जट का पोर्टल बंद होने व प्रवेश पत्र वापस करने के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राजकीय महाविद्यालय का पोर्टल खुलवाने की मांग की। छात्र राजकीय महाविद्यालय में प्रवेश कर सकें इसके लिए उन्होंने मांगों को जल्द पूरा करने के लिए भी कहा है।
निखिल, सागर, आकाश, हिमांशु, विशाल, शिवम्, रिया, साक्षी, अनुपम, नीलम, कविता आदि छात्र-छात्राओं का कहना है कि सरकार की ओर से बहादरपुर जट में राजकीय महाविद्यालय संचालित होने से बहुत खुशी हुई थी। राजकीय महाविद्यालय में करीब 200 छात्रों ने प्रवेश पत्र जमा किए थे। छात्रों का आरोप है कि एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के इशारे पर राजनैतिक दबाव में राजकीय महाविद्यालय का पोर्टल स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। महाविद्यालय के नोडल अधिकारी ने छात्रों के प्रवेश पत्र वापस कर दिए हैं। इससे करीब 200 छात्राओं का भविष्य बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गया है। क्योंकि इनमें ज्यादातर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवार से हैं। ये दूसरे प्राइवेट महाविद्यालय में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
छात्रों का कहना है कि सरकारी महाविद्यालय की अपेक्षा प्राइवेट महाविद्यालयों में फीस कई गुना अधिक है। राजकीय महाविद्यालय के नोडल अधिकारी प्रोफेसर सत्येंद्र कुमार का कहना है कि महाविद्यालय का पोर्टल स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। छात्रों के प्रवेश पत्र वापस किए जा रहे हैं।
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बजरंग दल ने दिया छात्र आंदोलन को समर्थन
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। बजरंग दल के जिला संयोजक जिवेंद्र तोमर का कहना है कि बहादरपुर जट का राजकीय महाविद्यालय एक पूर्व कैबिनेट मंत्री और मौजूदा विधायक की वर्चस्व की लड़ाई की भेंट चढ़ गया हैं। जिवेंद्र तोमर ने कहा कि इससे महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्र परेशान हो रहे हैं। तोमर ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर छात्रों के भविष्य को देखते हुए उनसे मामले का संज्ञान लेने और समस्या का समाधान कराने की मांग की है। कहा कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह कार्यकर्ताओं के साथ धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।