पथरी। भट्टीपुर व पथरी स्थित बिजली घर से करीब चालीस गांवों जुड़े हुए हैं, लेकिन क्षेत्र के गांवों में 16-17 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। रोजा आठ से नौ घंटे की कटौती से ग्रामीण परेशान हैं।
गांवों के लोगों में बिजली कटौती को लेकर रोष बना हुआ है। बिजली कटौती से खेतों में सिंचाई, वेल्डिंग वर्कशॉप, वाहन सर्विस सेंटर, आटा चक्की, तेल स्पेलर, इलेक्ट्रॉनिक वर्कर्स, ब्यूटी पार्लर आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बगैर बिजली के ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। जिससे लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। लोगों का कहना है कि ऊर्जा निगम के उच्चाधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत कटौती बंद करने की मांग की है।
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मुख्यमंत्री को क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाना चाहिए। इसके लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश जारी करने चाहिए।
बाबूराम सैनी
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भट्टीपुर व पथरी स्थित बिजली घर से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। लोगों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मीनाक्षी सैनी, शाहपुर
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बिजली कटौती के कारण खेतों में खड़ी फसलों में सिंचाई नहीं हो रही है। इससे फसलों के उत्पादन पर फर्क पड़ेगा। किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उम्मेद सिंह रावत
बिजली आने जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। लगातार कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है। बिजली कटौती का समय निर्धारित होना चाहिए।
अंकित वर्मा
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बिजली की लाइनों में फाॅल्ट होने पर ढूंढने व उसे ठीक करने के लिए कुछ समय बिजली आपूर्ति बंद की जाती है। इसके अलावा बिजली कटौती कंट्रोल रूम से होती है। इसके बाद भी बिजली आपूर्ति का पूरा ध्यान रखा जाता है।
प्रवेश कुमार, एसडीओ ऊर्जा निगम, हरिद्वार