लालढांग। शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे लाहड़पुर स्थिति बंदर रेस्क्यू सेंटर के बाहर बंदरों से लदी दो पिकअप वाहन को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुशील कुमार, ग्राम पंचायत सदस्य अर्जुन सैनी, मुनेश सैनी, लक्ष्मण सैनी, प्रीतम सिंह सैनी, अरुण सैनी व सूरज सैनी ने बताया कि बाहरी क्षेत्रों से बंदरों को नसबंदी के लिए रेस्क्यू सेंटर में लाया जा रहा है, जिसके बाद सेंटर से बंदरों को आसपास के गांवों में छोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीणों का गांव में रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बंदरों से भरे पिकअप वाहन को रेस्क्यू सेंटर में जाने से रोक दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची सेंटर प्रभारी ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। रेस्क्यू सेंटर प्रभारी प्रभारी नेत्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की तरफ से लगाए गए आरोप निराधार है। रेस्क्यू सेंटर में बाहर से बंदर पकड़ कर लाने वाले वाहन को शाम छह बजे के बाद सेंटर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाता है। बंदरों को जिस वन क्षेत्र से पकड़ा जाता उन्हें नसबंदी के बाद उसी वन क्षेत्र में छोड़ा जाता हैं। बन्दरो को छोड़ते वक्त उसकी वीडियो ग्राफी भी करवाई जाती है। संवाद