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सामूहिक दुष्कर्म में दो को 10-10 वर्ष की सजा

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एफटीएससी/अपर सत्र न्यायाधीश कुसुम शानी ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में सोमवार को सजा सुनाई। न्यायाधीश ने दो को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष की कठोर कारावास और 83-83 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र कुमार चौहान ने बताया कि छह जुलाई 2018 को कनखल थाना क्षेत्र में किशोरी पड़ोस में दुकान पर सामान लेने गई थी। जहां आरोपी राजेश ने किशोरी को दुकान के अंदर ले जाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए थे। किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। एक सप्ताह बाद पीड़िता दुकान पर सामान लेने गई तो आरोपी दुकानदार राजेश ने फिर से उसके साथी धर्मवीर के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। पीड़िता के गर्भवती होने पर घर वालों को घटना का पता चला था। लोगों ने पीड़िता के बालिग होने पर आरोपी राजेश के साथ उसकी शादी कराने की बात कही थी। लेकिन आरोपी राजेश ने शादी करने से इंकार कर दिया।
पीड़िता की मां ने आरोपी राजेश और धर्मवीर के खिलाफ दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी, पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने सरकार की ओर से 11 गवाह पेश किए।
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