लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकालने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने रिटायर अवर अभियंता सहित कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। आरोपियों के कब्जे से 29 विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड और दो मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल बरामद हुई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, छह अगस्त को ऊर्जा निगम के सेवानिवृत्त अवर अभियंता ओम राठौर निवासी आर्यनगर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आर्य नगर चौक के पास एसबीआई बैंक के एटीएम में पैसे निकालने के दौरान एक व्यक्ति ने उनका कार्ड बदल लिया था और खाते से 85 हजार रुपये निकाल लिए थे। जबकि बीते 14 अगस्त को सचिन कुमार निवासी मोहल्ला पांवधोई का भी कार्ड बदलकर खाते से 20500 की रकम निकाल ली गई थी। इन मामलों के बाद एसएसपी अजय सिंह ने ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा को टीम गठित कर खुलासे के निर्देश दिए थे।
पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से आरोपियों को चिह्नित कर धरपकड़ शुरू की। चौक बाजार चौकी प्रभारी विकास रावत और सीआईयू के हेड कांस्टेबल विवेक यादव ने टीम के साथ शुक्रवार को सब्जी मंडी सराय रोड पर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने आए दो आरोपियों को धर लिया। कोतवाली कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी पिंटू कुमार निवासी महाराणा प्रताप की मूर्ति के पास फेरूपुर थाना पथरी और शिवम निवासी ग्राम लाहाक कला थाना मंडावली जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
12 पुलिसकर्मियों की लगी थी टीम
ठगी के मामले सामने आने के बाद एसएसपी के निर्देश पर 12 पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई थी। जिसमें कोतवाल कुंदन सिंह राणा, एसएसआई संतोष सेमवाल, एसआई सुधांशु कौशिक, एसआई विकास रावत, मुख्य आरक्षी प्रेम सिंह, आरक्षी संदीप सिंह, सुनील दत्त शर्मा, सीआईयू के हेड कांस्टेबल विवेक यादव, आरक्षी अनिल बिष्ट, अमित गौड़, राजेश बिष्ट, दीपक चौधरी थे।
शनिवार और रविवार को करते थे धोखाधड़ी
इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। शनिवार और रविवार को बैंकों के एटीएम के आसपास खड़े हो जाते थे। इसके बाद ऐसे लोगों को देखते थे जिन्हें एटीएम चलाने की ज्यादा जानकारी न हो। उन्हें मदद का भरोसा दिलाकर पिन कोड पता करने के साथ ही डेबिट कार्ड को बदल लेते थे। यहीं नहीं, आरोपी बैंक की छुट्टी वाले दिन को चुनते थे। ऐसे में अगर शिकायत दर्ज भी कराएं तो बैंक बंद हो और वह पैसे निकाल सके। बताया कि अन्य शहरों में भी घटना को आरोपियों ने अंजाम तो नहीं दिया, इसको लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।