जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्बयाल ने जिला कार्यालय सभागार में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक ली।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा ने बताया कि निदेशालय से 43 पीडितों के लिए 25.375 लाख की मांग की गई है। पुलिस विभाग को डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि संयुक्त जांच रिपोर्ट 60 दिन के भीतर समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय को प्राप्त हो जानी चाहिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनकी ओर से भी पत्र शासन को भेजकर धनराशि की मांग की जाए।
उन्हाेंने निर्देश दिए कि प्रथम सूचना रिपोर्ट पर पीड़ित को लाभ दे दिया जाता है, लेकिन प्रकरण पर न्यायालय में विवेचना के बाद अनुसूचित जाति अत्याचार उत्पीड़न एक्ट का लोप होने की दशा में भुगतान की गई धनराशि को रिकवरी किए जाने के संंबंध में शासनादेश में कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए, भुगतान की गई धनराशि की वापसी के संबंध में शासन से दिशा-निर्देश मांगे जाने के लिए पत्र भेजा जाए।
पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराई जाए
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि तत्काल एफआईआर की सूचना समाज कल्याण विभाग को दी जाए। समाज कल्याण विभाग की ओर से उसका तत्काल संज्ञान लेते हुए पीड़ित को सहायता उपलब्ध कराया जाए।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक (अपराध) से अनुरोध किया कि पीड़ित को तुरंत भुगतान के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट के साथ आवश्यक परिपत्र जैसे आधार कार्ड, खाता, जाति प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जाएं।