हरिद्वार। मां के निधन के बाद घर छोड़कर बदायूं से हरिद्वार आए किशोर के परिजनों का पता आखिरकार पुलिस ने लगा लिया। हरिद्वार पहुंचने पर किशोर को पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को पाकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। उन्होंने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का आभार जताया।
एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि दो महीने पहले एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम को 14 वर्षीय अंकित दयनीय हालत में मिला था। उसने बताया था कि वह अपनी मां के निधन के बाद दुखी होकर घर से बिना बताए निकल गया था। उसे बाल कल्याण समिति के आदेश पर ज्वालापुर स्थित खुला आश्रय गृह में संरक्षण दिलाया गया था। एसआई राखी रावत, मुख्य आरक्षी राकेश कुमार व विनिता सेमवाल, आरक्षी मुकेश कुमार, दीपक चंद, गीता को परिजनों की खोजबीन में लगाया गया था। किशोर की लगातार काउंसलिंग कर मानसिक तनाव, चिंता से उभारा। टीम ने बच्चे की दी गई जानकारी पर खोजबीन की। तब उसके पिता उमेशचंद्र यादव निवासी ग्राम मतरोली जिला बदायूं यूपी से संपर्क हो गया। बृहस्पतिवार को उमेशचंद्र हरिद्वार पहुंचे। जानकारी दी कि पत्नी के अचानक निधन होने से परिवार बिखर गया। बेटा गायब हो गया था, जिससे वह बेहद परेशान थे। जब पुलिस ने उन्हें बच्चे के सकुशल होने की जानकारी दी तो परिवार में खुशियां छा गई। एसपी ने बताया कि बच्चे को पिता के सुपुर्द कर दिया।
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एक और किशोर लावारिस हालत में मिला
एसपी सिटी ने बताया कि शहरी क्षेत्र में लावारिस हालत में एक और किशोर मिला है। उसने अपना पता यमुनानगर हरियाणा बताया है। उसे टीम ने रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। इसके बाद खुला आश्रय गृह ज्वालापुर में संरक्षण दिलवाया है। उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी है।