श्री जयराम आश्रम परिसर भगवती गंगा के पावन तट में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के सान्निध्य में कथा व्यास महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चिदंबरानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कोई साधारण पुस्तक या ग्रंथ नहीं है। अपितु गंगा की तरह साक्षात ज्ञानगंगा की धारा है, जिस प्रकार गंगा अनादिकाल से प्रवाहित हो रहीं हैं और नित नूतन है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत की ज्ञानगंगा धारा भी नित नूतन है। किठानिया परिवार की ओर से आयोजित भागवत कथा में जयराम आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। कथा व्यास महामण्डलेश्वर चिदंबरानंद सरस्वती ने कहा कि श्रीमद्भागवत तो दिव्य कल्पतरु है, यह अर्थ, धर्म, काम के साथ भक्ति और मुक्ति प्रदान करके जीव को परम पद प्राप्त कराता है। इस अवसर पर मुख्य यजमान श्यामसुन्दर किठानिया, शिवकुमार किठानिया, जयप्रकाश अग्रवाल, नवल आदि श्रोता मौजूद रहे। मा.सि.रि