हरिद्वार। बिल्वकेश्वर मंदिर में शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ मंगलवार को बिरला घाट से निकली कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा 29 जुलाई से 4 अगस्त तक चलेगी। कथा व्यास आचार्य विकास जोशी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार कलश में सभी देवताओं और तीर्थों का वास होता है तथा कलश यात्रा नगर में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। प्रथम दिवस पर उन्होंने शिवपुराण की महिमा, श्रवण के फल, ‘ॐ नमः शिवाय’ पंचाक्षर मंत्र का अर्थ और श्रावण मास के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव ने सृष्टि के कल्याण के लिए हलाहल विष का पान किया, जिससे वे नीलकंठ कहलाए। उन्होंने कहा कि श्रावण में जलाभिषेक का विशेष महत्व है और शिवपुराण का श्रवण करने वाला शिवधाम का अधिकारी बनता है। आयोजन में देवेंद्र जोशी, सीमा जोशी, विजय लक्ष्मी, राधिका, सचिन, हेमंत, हिमांशु नौटियाल, मोहित सुमन, विवेक, आशीष और अंकित सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।