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I- देश की पहली परियोजना अपर बाजार क्षेत्र के व्यापारियों के विरोध के चलते अधर में
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I- केवल फाइलों में सिमटकर रह गई धर्मनगरी को विकसित करने की महत्वपूर्ण परियोजनाI
धर्मनगरी में बेहतर सुविधाएं विकसित हो सकें, इसके लिए प्रस्तावित योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले सकीं। इनमें एक महत्वपूर्ण परियोजना पॉड टैक्सी केवल फाइलों तक सिमटकर रह गई है। अब कॉरिडोर को लेकर भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं। सत्तारुढ़ दल से जुड़े संगठन तो वैसे चुप हैं, लेकिन अन्य मुखरता से इसका विरोध जता रहे हैं। हालत अगर पॉड टैक्सी जैसी रही तो इस पर भी विराम लग सकता है।
बता दें कि हरिद्वार शहर के जाम को समाप्त करने और सघन आबादी के बीच पॉड टैक्सी के लिए रूट प्लान तय किया गया था। इसके तहत भूपतवाला से वाल्मीकि चौक तक और शहर के मध्य गंगा पार कर कनखल क्षेत्र को पॉड टैक्सी परियोजना से जोड़ने की योजना था। इसको लेकर व्यापारियों, श्रीगंगासभा, धर्मशाला संचालकों के साथ लगातार बैठकों का दौर चला। पॉड टैक्सी परियोजना को लेकर कार्ययोजना तैयार करने में जुटी रेल मैट्रो कारपोरेशन ने भी सहमति बनाने का प्रयास किया। वहीं, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कुल छह से अधिक बैठकें की। इन सब के बावजूद पॉड टैक्सी परियोजना मूर्त रूप नहीं ले सकी।
अब जब हरिद्वार कॉरिडोर को लेकर मास्टर प्लान तैयार कर रही कंसल्टेंट कंपनियों ने काम शुरू किया तो इसके विरोध में भी स्वर उठने लगे। व्यापारियों का मानना है कि बगैर उनसे सुझाव लिए और सहमति के विकास के नाम पर विनाश नहीं सहेंगे।
Iखुले रूप में रखना होगा पूरा प्लानI
व्यापारियों का विरोध इसलिए है कि कोई भी योजना लागू करने के पूर्व स्टेक होल्डर से परामर्श नहीं लिया जा रहा है। कुछ व्यापारी संगठनों का कहना है कि योजना से विकास का परिदृश्य क्या होगा और इसका व्यवसाय और धर्मनगरी के स्वरूप पर क्या प्रभाव पड़ेगा इसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए वार्ता करनी होगी। महानगर व्यापार मंडल ने जहां इसके लिए नगर विधायक के जरिए मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया। वहीं राष्ट्रीय व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलने की बात कहा है।
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Iमुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में हरिद्वार कॉरिडोर है। कंसल्टेंट कंपनियों की ओर से सर्वे किया जा रहा है। इसमें स्पष्ट होगा कि विकास के क्या आयाम होंगे। किसी स्टेक होल्डर का हित प्रभावित न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। कार्ययोजना तैयार होने के बाद आम बैठक भी होगी। जो भी सार्वजनिक संपत्ति पर कब्जा जमाए हैं उन्हें स्वत: उसे खाली करने के लिए कहा जाएगा। योजना के तहत कार्य होने के बाद हरिद्वार का परिदृश्य भव्य और दिव्य होगा। पॉड टैक्सी परियोजना को लेकर भी शासन से सुझाव मांगा गया है।
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Iधीराज सिंह गर्ब्याल, जिलाधिकारी, हरिद्वारI