कवि ऋषि सचदेवा के स्वरचित काव्य संग्रह अभिव्यक्ति का विमोचन करते हुए शहर विधायक व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भावनाओं की गंगा में डूबते-उतरते व्यक्तित्व ही काव्य रचना कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए मयंक शर्मा ने कहा कि कवि ऋषि सचदेवा की इन कविताओं में उनकी जिज्ञासा की एक प्रबल भावना भी मिलती है। मुख्य अतिथि वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह कवि की पहली कृति है, जिसमें इन्होंने विविध विषयों पर, विभिन्न परिस्थितियों एवं परिवेश में लिखी अपनी कविताओं का संकलन किया है। इस मौके पर योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण, ऋषि सचदेवा, सचानंद लदानी, युवा भारत साधु समाज के राष्ट्रीय महामंत्री रविदेव शास्त्री, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, अनीता मंमगाईं आदि मौजूद रहे।