- हर की पैड़ी पर श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन- भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के अवतरण हैं शुकदेव मुनि
हरिद्वार। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर हर की पैड़ी के मालवीय घाट पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मर्म समझाया। उन्होंने शुकदेव जी के भागवत में प्रवेश का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि यह केवल एक ऋषि का आगमन नहीं, बल्कि भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अवतरण है। उन्होंने बताया कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित सहित समस्त मानव समाज को मोक्ष का मार्ग दिखाया। कथा का आयोजन श्रीगंगा सभा की ओर से किया जा रहा है। तीसरे दिन कथा व्यास का पूजन गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ट और अन्य पदाधिकारियों ने किया। इस अवसर पर अमृतसर से आए परिवारों ने भी कथा श्रवण किया।पुंडरीक गोस्वामी ने संगीतबद्ध भजनों के बीच बताया कि देवर्षि नारद के आग्रह पर श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना हुई। उन्होंने कहा कि शुकदेव जी जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी थे और उन्होंने राजा परीक्षित को गंगा तट पर सात दिनों तक भागवत कथा सुनाई। इस अवसर पर श्रीगंगा सभा के उपाध्यक्ष हनुमंत झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, समाज कल्याण मंत्री विकास प्रधान, उज्जवल पंडित, प्रचार मंत्री गोपाल प्रधान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।