- वंशिका ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में हासिल किए 97 प्रतिशत
- साधारण परिवार की बेटी ने परिजनों और जिले का नाम किया रोशन
- बिना कोचिंग के पाया मुकाम, शिक्षा के क्षेत्र में बनना चाहती हैं प्रोफेसर
हरिद्वार। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में टैक्सी ड्राइवर की बेटी वंशिका ने इंटरमीडिएट में जिला टॉप किया है। वह प्रदेश में तीसरे स्थान पर रही हैं। बिना कोचिंग के यह मुकाम पाकर वंशिका ने परिजनों और जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। वह आगे चलकर प्रोफेसर बनना चाहती हैं। सरस्वती विद्या मंदिर मायापुर हरिद्वार की छात्रा वंशिका के पिता राजेंद्र कुमार पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं। आर्थिक चुनौतियों सामने आईं लेकिन वंशिका की पढ़ाई के आगे सब हार गईं। माता निक्की गृहिणी हैं, मां ने भी बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हरिद्वार के मनसा देवी रोड क्षेत्र में रहने वाली वंशिका ने बताया कि उसने बिना किसी कोचिंग के सफलता हासिल की। उन्होंने भौतिक विज्ञान में 99, रसायन विज्ञान में 98, गणित में 97, अंग्रेजी में 96 और हिंदी में 95 अंक प्राप्त किए। बताया, वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ती थीं। वंशिका ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और स्कूल के शिक्षकों को दिया है। उनका कहना है कि पिता की मेहनत और त्याग ही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही। कहा कि वह शिक्षा के क्षेत्र में ही जाना चाहती हैं। वह प्रोफेसर बनकर गरीब बच्चों को शिक्षित चाहती हैं। वंशिका को विद्या भारती के प्रदेश निरीक्षक विजय पाल सिंह और सरस्वती विद्या मंदिर के प्रभारी प्रधानाचार्य अजय कुमार आदि शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।