हरिद्वार। रमजान के मुकद्दस महीने में चल रहे रोजों के बीच भारतीय किसान मजदूर उत्थान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव इरशाद अली ने समाज को इंसानियत, भाईचारे और आपसी सहयोग का संदेश देते हुए सभी को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। कहा कि रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह इंसान को सब्र, त्याग और दूसरों के दर्द को महसूस करने की सीख देता है। ईद का त्योहार प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है, जिसे पूरे समाज के साथ मिलकर मनाना चाहिए। ईद की खुशियां तभी मुकम्मल होती हैं, जब हम अपने आसपास के जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को भी इसमें शामिल करें। समाज में आज भी कई ऐसे परिवार हैं जो आर्थिक तंगी के कारण त्योहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में सक्षम और संपन्न लोगों का यह कर्तव्य बनता है कि वे आगे आकर उनकी मदद करें। संवाद