हरिद्वार। चरस बेचने के आरोपी को न्यायालय ने दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता प्रदीप जगता ने बताया कि उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह ने थाना कनखल में 6 फरवरी 2009 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि वह पुलिस टीम के साथ बूढी माता मंदिर के पास गश्त पर थे, मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने जियापोता के पास से चमन पुत्र चंदी निवासी पंजनहेड़ी को गिरफ्तार किया था। तलाशी लेने पर उससे 500 ग्राम चरस मिली थी। पुलिस ने चमन के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों पर गौर करने के बाद विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट बिध्यांचल सिंह ने आरोपी को चरस बेचने का दोषी पाते हुए दो साल की सजा और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।