विकास की राह पर रावली महदूद, 10 वर्षों मे बदली गांव की तस्वीर
- बरात घर का कायाकल्प कर मिनी सचिवालय बनाया, मिल रही सुविधाएं
ऋषभ चौहान
सिडकुल। रावली महदूद ग्राम पंचायत ने पिछले एक दशक में विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए खुद को एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया है। कभी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने वाला यह गांव आज बेहतर आधारभूत ढांचे और स्वच्छता के लिए पहचाना जा रहा है। गांव में सड़कों और नालियों के निर्माण से जलभराव की समस्या दूर हुई है और आवागमन सुगम बना है। पंचायत घर को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित कर डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यों के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी प्राइमरी स्कूल का कायाकल्प कर उसे निजी स्कूलों जैसा बनाया गया है, जिससे नामांकन बढ़ा है। वहीं, पुराने तालाब की खुदाई कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया है, जिससे जलस्तर और सौंदर्य दोनों में सुधार हुआ है। साथ ही, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू होने से गांव में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई है और गलियों में कचरे के ढेर खत्म हुए हैं।
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पिछले 10 साल गांव के लिए बदलाव के रहे हैं। आज हमारे पास पक्की सड़कें हैं, साफ़ स्कूल है और सरकारी सुविधाओं के लिए पंचायत घर में ही सुनवाई हो जाती है
- प्रमोद पाल, ग्राम प्रधान
क्या बोले लोग
हमारा गांव बहुत तरक्की कर रहा है। पूर्व की स्थिति से अब बहुत बेहतर स्थिति हो गई है। निवासी खुश हैं।
- सुभाष चौहान
पूर्व में सड़कें खुदी पड़ी हुई थी, लेकिन अब सड़क भी नई तरीके से बन गई है। गांव में विकास का काम चलता रहता है।
- सूर्यकांत सैनी
पंचायत घर में मिनी सचिवालय खुलने से बहुत सी समस्याओं का हल अब यही से हो जाता है। अन्य किसी विभाग में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
- दीपक पेगवाल
गांव में प्राइमरी स्कूल के शौचालय अच्छे से बनाए गए हैं। अब स्कूल में बच्चों को भी कोई समस्या नहीं होती है। स्वच्छता में भी सुधार है।
- यशपाल गोस्वामी
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