रसूलपुर मीठीबेरी ग्राम पंचायत के रसूलपुर गोट और आर्यनगर गांवों के किसानों की फसलें सिंचाई नहीं होने से सूखने लगी हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग से शीघ्र नहरों की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग की है।
दरअसल, इन गांवों में लगभग 1500 बीघा भूमि को रवासन नदी से ही सिंचित किया जाता हैं। रवासन नदी से नहरों के माध्यम से पानी खेतों तक पहुंचता है। पिछले दिनों रवासन नदी के उफान पर आने से कई नहरों में मलबा भर गया था सिंचाई विभाग तब से मलबा की सफाई नहीं कर सका।
किसान कमलेश द्विवेदी, नवीन बड़ोला, सुदीप डबराल, चंद्र सिंह, भोलादत्त, राजेंद्र राणा, संजीव ने बताया कि 15 दिन से नहर में पानी नहीं आ रहा है। किसानों का कहना है कि इन दिनों धान की फसल को पानी की जरूरत है। सिंचाई नहीं होने से धान की फसल सूखने लगी है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शिशिर श्रीवास्तव रसूलपुर गोट नहर में मलबा आने के कारण पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। नहर की सफाई का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। स्वीकृति होने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।