खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर साढ़े नौ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने न्यायालय में आदेश पर आरोपी दंपती एवं उनकी रिश्तेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ज्वालापुर कोतवाल आरके सकलानी के मुताबिक रविश कुमार निवासी मोहल्ला चौहनान ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी जान पहचान लक्ष्मी देवी और उसकी बेटी ज्योति यादव निवासी विकास कालोनी से थी। रविश कुमार ने बताया कि ज्योति यादव ने बताया था उसका पति राकेश यादव निवासी 159/9 बसंत कुंज नई दिल्ली स्थायी पता खेडी बांस हरियाणा सीबीआई में डीएसपी हैं। उसके ससुर भी संसद में सुरक्षा अधिकारी रहे हैं।
रविश कुमार ने कहा है कि मां-बेटी के कहने पर उसके भाई प्रशांत कुमार ने राकेश कुमार से मुलाकात की। राकेश कुमार ने रेलवे में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और साढ़े नौ लाख रुपये ले लिए। पिछले वर्ष राकेश यादव उसके भाई को नौकरी दिलाने के नाम पर जयपुर राजस्थान लेकर गया। वहां पहुंचकर पता चला कि रेलवे की कोई भर्ती ही नहीं निकली है। तभी पता चला कि राकेश यादव सीबीआई में नहीं है। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उसके साथ गाली गलौज कर हत्या करने की धमकी दी गई। कोतवाल आरके सकलानी ने बताया कि इस संबंध में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।