बंद की गई फैक्टरी से सामान उठाने की शिकायत पर श्रम विभाग ने ताला ठोक दिया है। अब श्रमिकों और प्रबंधन में चल रहे विवाद का हल निकलने पर ही विभाग ताला खुलेगा।
सिडकुल में स्थित एक कंपनी की फैक्टरी में उत्पादन बंद कर दिया गया है। फैक्टरी के लगभग एक हजार श्रमिक भी निकाल दिए गए हैं। जिससे श्रमिक छह माह का वेतन, रोजगार और अन्य भत्ते देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसके लिए वह श्रम कार्यालय पर तालाबंदी के साथ ही जिलाधिकारी से भी वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी एक भी मांग को कंपनी प्रबंधन ने नहीं माना है। इससे श्रमिक फैक्टरी से मशीन आदि सामान भी नहीं उठने दे रहे हैं।
मंगलवार की रात में कंपनी प्रबंधन ने कुछ मशीनों को ट्रक में लादकर भिजवा दी। इसकी जानकारी श्रमिकों को भी लग गई। श्रमिकों ने इस मामले की सूचना भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री और श्रमिकों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सुमित सिंघल को दी। उन्होंने तुरंत ही फैक्टरी से सामान उठाने पर श्रम अधिकारियों और जिलाधिकारी से बात की। बुधवार को सहायक श्रम आयुक्त एसएस रांगड़ ने पुलिस की मौजूदगी में फैक्टरी के दोनों गेटों पर ताले लगा दिए। उन्होंने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन को न्यायालय में बुलाया गया है, जब तक मामले का हल नहीं निकल जाता है, तब तक फैक्टरी पर लगाए गए ताले नहीं खोले जाएंगे।