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Iगोद लिए घाटों को संरक्षकों ने संभाला, अन्य घाटों पर निगम की टीम जुटी
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Iकरीब एक हजार मीट्रिक टन कूड़े का पहले दिन निगम ने किया निस्तारण
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Iशिवरात्रि पर्व के दौरान जलाभिषेक करने के लिए गंगा जल लेने आए कांवड़ यात्रियों ने धर्मनगरी में हजारों मीट्रिक टन कूड़ा फैलाया। घाटों पर जहां-तहां पुराने कपड़े, खाद्य सामग्रियों के खुले पैकेट और अन्य कई तरह का कूड़ा फैला दिखे।
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Iगंगा घाटों को गोद लिए लोगों ने अपने कर्मियों के साथ जगह-जगह से कूड़े को एकत्र कराया। वहीं, नगर निगम ने टीम गठित कर कूड़े का निस्तारण शुरू किया। सहायक मुख्य नगर आयुक्त श्याम सुंदर ने बताया कि गंगा घाटों की सफाई के लिए सबसे बड़े मददगार स्वयं सेवी संस्थाएं हैं। इन्होंने गंगा घाटों को गोद लिया उनके कर्मियों ने फैले कूड़े को एकत्र कर दिया। निगर निगम के वाहन पूरे दिन में करीब एक हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण कर चुके हैं। कुल छह टीमें इस कार्य में लगाई गई हैं। बताया कि पूरी तरह सफाई में करीब दो दिन का समय लगेगा।
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Iस्नान के बाद पुराने कपड़े छोड़ जाते हैं लोग
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Iमान्यता है कि गंगा में स्नान के बाद उसमें कपड़े नहीं धोये जाते। इस परंपरा का निर्वहन तो लोग बखूबी करते हैं, लेकिन इसका दूसरा पक्ष है कि स्नान के बाद पुराने कपड़े लोग घाटों पर ही छोड़ जाते हैं। नगर निगम प्रतिवर्ष बड़े स्नान पर्व पर वृहद अभियान चलाकर इनके निस्तारण की व्यवस्था करता है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि यदि नगर निगम की ओर से प्रत्येक घाट पर पुराने कपड़ों को एकत्र करने की व्यवस्था की जाए तो गंदगी कम फैलेगी।I