अवैध निर्माण और अतिक्रमण ने शहर की सुंदरता को बदरंग कर दिया है। शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर बेतरतीब पसरे अतिक्रमण से जहां आए दिन जाम की समस्या खड़ी होती है। अवैध निर्माण से कई तरह की दिक्कतें खड़ी हो रही है। पहुंच वाले लोग शहर के अंदर और बाहरी क्षेत्रों में नियम कानूनों को ठेंगा दिखाकर कॉलोनी काटने के साथ कई मंजिल निर्माण करवा रहे। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के तमाम दावों के बाद भी धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहा है।
शहर में केवल दिखाने के लिए फ्लैट बनाने का नक्शा तो पास करा लिया जाता है। सच्चाई यह है कि बिल्डर मानचित्रों में खेल कर अपनी मनमर्जी से फ्लैट का निर्माण कर रहे हैं। जिससे बेतरतीब ढंग से फ्लैटों का निर्माण होने से शहर का नक्शा बिगड़ रहा है। जबकि फ्लैट खरीदने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सिडकुल की एक हाउसिंग योजना का भी सामने आया है। आरोप है कि मानचित्र में खेल कर मानकों के विपरीत फ्लैटों का निर्माण कर लिया गया।
बीएचईएल निवासी संजीव कुमार बहल ने आरोप लगाया है कि हाउसिंग योजना में करोड़ों रुपये का बड़ा घोटाला किया जा रहा है। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए मानचित्र में खेल किया गया है। परियोजना में जो सुविधाएं शामिल नहीं हैं, उन सुविधाओं को भी संपूर्ण दर्शाया गया है। आरोप है कि हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) के अधिकारियों ने भी इन तकनीकी सुविधाओं का परीक्षण कर लिया। आरोप लगाया कि बड़े बिल्डरों को करोड़ों का लाभ पहुंचने के लिए आमजन की जिदंगी को भी खतरे में डाला जा रहा है।
पार्क बनाने में भी किया खेल
पार्क बी 6000 वर्ग फुट को केवल 1000 फुट से भी कम किया गया है। जबकि पार्क सी 9800 वर्ग फुट होना चाहिए, लेकिन मौके पर 2000 वर्ग फुट के आसपास ही है। पार्क डी 3300 की जगह 1000 से फुट से कम, पार्क ई- 5500 वर्ग फुट होना चाहिए। लेकिन मौके पर पार्क ही नहीं है। आरोप लगाया कि हाउसिंग योजनाओं में 272 फ्लैट के निर्माण की जगह नहीं थीं। लेकिन फिर भी अवैध तरीके से मानचित्र पास कर निर्माण कार्य करा दिया गया। फ्लैटों में रह रहे 340 परिवारों के सामने भी दिक्कतें खड़ी होंगी।
इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। अगर कोई अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- उत्तम सिंह चौहान, सचिव, एचआरडीए
अभियान ठंडा पड़ते ही सड़कों और दुकानों के बाहर हो जाता है अतिक्रमण
शहर को अतिक्रमणमुक्त करने के अधिकारियों के दावे फेल नजर आ रहे हैं। मध्य हरिद्वार समेत शहर के कई इलाके अतिक्रमण से पटे हुए हैं। पुलिस, लोनिवि और नगर निगम के अभियान चलाने के बाद भी असर नहीं दिख रहा। अभियान बंद होते ही दुकानदारों ने अपना सामान सड़कों पर सजा दिया है।
शहर में मध्य हरिद्वार, रानीपुर, ज्वालापुर, हरकी पैड़ी, भीमगोड़ा, कनखल समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर रेहड़ी-ठेली वालों ने कब्जा किया हुआ है। इन बाजारों में व्यापारियों ने दुकानों के बाहर चार-चार फुट तक सामान लगाया हुआ है। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, पुलिस की संयुक्त टीम ने जुलाई माह में कांवड़ मेले के दौरान अभियान चलाया। जबकि बीते महीने दीपावली से पहले भी अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। अब फिर से अतिक्रमण पसर गया है।
भारत माता मंदिर भूपतवाला के निकट अतिक्रमण हटाने को लेकर चिह्निकरण किया जा रहा है। सप्ताह भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान फिर से चलाया जाएगा। इससे पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों को खदेड़ा गया है।
- अवधेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट