कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के क्रम मेंं शहर के मार्ग सुधारीकरण कार्य को लेकर दूसरे चरण में फुटपाथ निर्माण के साथ पथ प्रकाश की व्यवस्था अब सिंहद्वार से दर्शनानंद द्वार तक की जाएगी। फिलहाल, पहले चरण में देवपुरा से लेकर चंद्राचार्य चौक तक का मार्ग निर्माण कार्य अभी पूरा किया जा रहा है। इसी तर्ज पर धर्मनगरी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों में सौर प्रकाश स्थापित किए जाएंगे। इससे ऑल-इन-वन और अर्ध-एकीकृत व्यवस्था दोनों शामिल हो सकेगा।
परियोजना के तहत मां चंडी देवी बाजार क्षेत्र के पाथवे नंबर एक में भी प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। मां मनसा देवी बाजार क्षेत्र में भी सौर प्रकाश लगाए जाएंगे। यह कार्य कुंभ मेला 2027 की तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सौर प्रकाश की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग का कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
मेला प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा और सुविधा के लिए पर्याप्त रोशनी आवश्यक है। सौर ऊर्जा का उपयोग पर्यावरण के अनुकूल समाधान प्रदान करेगा। यह ऊर्जा दक्षता को भी बढ़ावा देगा। परियोजना को 17 नवंबर 2026 तक पूरी करने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। सिंहद्वार से दर्शनानंद द्वार तक के मुख्य मार्ग पर फिलहाल मौजूदा समय में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे पथ प्रकाश से रोशनी मिलती है।
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कुंभ मेला 2027 के लिए हरिद्वार में बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं। यह सौर प्रकाश परियोजना इन्हीं तैयारियों का एक अभिन्न अंग है। इसका लक्ष्य मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण देना है। पर्यावरण के प्रति जागरूकता को देखते हुए सौर ऊर्जा का चयन किया गया है। यह पहल हरिद्वार को एक स्वच्छ और हरित शहर के रूप में भी बढ़ावा देगी। -सोनिका, मेलाधिकारी कुंभ मेला हरिद्वार