इंडो जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स की सिडकुल स्थित होटल में बैठक हुई। इसमें लघु उद्योगों और प्रदूषण रहित उद्योगों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि उद्योगपति जर्मनी की आधुनिक तकनीक अपनाकर औद्योगिकीकरण की रफ्तार को बढ़ा सकते हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में सिडकुल एंटरप्रेन्योर वेलफेयर एसोसिएशन, बहादराबाद इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट वेलफेयर एसोसिएशन बहादराबाद, रुड़की स्मॉल स्केल इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि जर्मनी टीम से अनिल कुमार जोशी, हृषिकेश महादेव और सुमति सूद उपस्थित रहे।
जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता ने कहा कि तकनीकी में बदलाव आ रहे हैं। आधुनिक तकनीकी ने औद्योगिकीकरण की रफ्तार तेज की है। दीपेश चौधरी, अरुण जुयाल, हिमेश कपूर, साधुराम सैनी, केतन भारद्वाज और मनोज पुंडीर ने विचार रखे। कहा कि उत्तराखंड में इलेक्ट्रिकल, मेकेनिकल, फार्मा, पैकेजिंग, सिलाई, प्लास्टिक मोल्डिंग, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग समेत कई उद्योगों में नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। अनुज चौहान, मनोज मिश्रा, पराग सक्सेना, गुलशन चंडोक, सुनील पांडे, सुखदेव सिंह विर्दी, अमरीक सिंह भट्टी, आत्मा सिंह सैनी, अमित त्यागी, सुलभ जैन, अवनीश, लावण्या सिंघल, अमित और ददन सिंह ने स्थानीय उत्पाद बाजार पर चर्चा की।