डॉ. गरिमा ममगाईं के पिता कि इच्छा थी कि वह डॉक्ट्रेट की उपाधि हासिल करे। वर्ष 2008 में गरिमा के पिता इस सपने के साथ दुनिया छोड़ गए। लेकिन गरिमा ने अपने पिता के सपने को पूरा करने की ठानी और दिन रात कड़ी मेहनत की। एम्स ऋषिकेश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने उपाधि मिलने के बाद डॉ. गरिमा ममगाईं ने उसको पिता रमेश ममगाईं को समर्पित किया। हरिद्वार के भीमगोड़ा का रहने वाली गरिमा की थिसिस का विषय म्यूचल लैंडस्केप इन हिस्टोन एसिटाइलेशन जीन ने सीआरईबीबीपी इन बी सेल लिंफोमा बाय टारगेटिंग सिक्वेसिंग है। विषय पर छह साल तक गरिमा ने शोध किया।