-नगर कोतवाली क्षेत्र का मामला, एम्स और वन विभाग में नौकरी दिलाने का दिया गया था झांसा
नियुक्ति पत्र न मिलने पर खुली पोल
हरिद्वार।पेट्रोल पंप, एम्स अस्पताल और वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3,14,620 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर शहर कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, राजागार्डन जगजीतपुर निवासी शंकर अरोड़ा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि वह बीपीसीएल पेट्रोल पंप धनपुरा में मैनेजर हैं। इसी दौरान उनकी पहचान सुभाषनगर, ज्वालापुर निवासी सरदार देशप्रीत सिंह से हुई, जो बीपीसीएल में वाहनों के फ्लीट कार्ड बनाने का कार्य करता है। देशप्रीत सिंह ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और उनकी मुलाकात ब्रजमोहन निवासी ग्राम धमेड़ा नारा, पोस्ट रूपवास पचगई, थाना चोला, जिला बुलंदशहर से कराई। ब्रजमोहन ने खुद को पूर्व अधिकारी बताते हुए पेट्रोल पंप और एम्स अस्पताल में नौकरी दिलाने का दावा किया आरोप है कि दोनों ने दिसंबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से अलग-अलग बहाने बनाकर कुल 3,14,620 रुपये ले लिए। नौकरी के नाम पर पीड़ित को दिल्ली और बुलंदशहर भी बुलाया गया, लेकिन नियुक्ति पत्र नहीं मिला। बाद में ठगी का अहसास होने पर रुपये वापस मांगे गए, लेकिन आरोपी टालमटोल करते रहे। पीड़ित का दावा है कि दोनों के खिलाफ अन्य स्थानों पर भी धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। पहले पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट का सहारा लिया गया। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।