चार जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। शहर के विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से कांवड़ियों के पंजीकरण और सफाई शुल्क लेने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने कहा कि कांवड़ बाजार में भी अस्थाई दुकान आवंटन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए। मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री को ईमेल से पत्र भी भेजा गया है।
शनिवार को पुरानी मंडी स्थित कार्यालय में कृषि उत्पादन मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता संजय चोपड़ा की अध्यक्षता में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बैठक की। जिसमें संजय चोपड़ा ने कहा कि पुरोला, उत्तरकाशी, केदारनाथ, हल्द्वानी आदि क्षेत्रों में यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं निंदनीय है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को आगामी कांवड़ मेला में आने वाले कांवड़ियों के पंजीकरण के साथ सफाई शुल्क भी लेना चाहिए। केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड के पूर्व सदस्य आलोक मिश्रा ने कहा धर्मनगरी हरिद्वार का स्वरूप बाहर से आने वाले व्यवसाय की वजह से बिगड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है।
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता संजय बंसल, वरिष्ठ व्यापारी नेता राजेश खुराना, श्रमिक कल्याण परिषद के महामंत्री कुंवर सिंह मंडवाल, उत्तराखंड पर्वतीय सभा के सह संयोजक सुंदरलाल राजपूत, डॉ. तारकेश्वर सिंह, लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार एंथनी, चौकीदार संगठन के संजीव कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर रतूड़ी, आदित्य कोठारी, चंदन सिंह रावत, जय सिंह बिष्ट, राजेश अरोड़ा, रवि सभरवाल, हंसराज दुआ, डाॅ. अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे।