रोड़ीबेलवाला मैदान से छह वर्षीय मयंक गुप्ता के अपहरण में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की पांच टीमें जुट गई हैं। बच्चे को सकुशल बरामद करने के बाद पुलिस और एसओजी की टीमों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में डेरा डाल लिया है। अपहरण के पीछे मानव तस्करी गैंग के होने की भी आशंका है।
नौ दिसंबर की देर शाम को रोड़ीबेलवाला मैदान में छह वर्षीय मयंक को खेलते समय मोटरसाइकिल पर आए दो युवक ब्रेड पकोड़ा खिलाने की बात कहते हुए अपहरण कर ले गए थे। पुलिस और एसओजी की टीमें उसी दिन से मासूम की तलाश में लगी हुईं थीं। पुलिस का दबाव बढ़ता देख अपहरणकर्ता शुक्रवार को बच्चे को देवबंद में हंसवाडा में खाटू श्याम मंदिर के पास छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने मयंक को सकुशल बरामद कर लिया था। शनिवार को एसएसपी अजय सिंह ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया था।
अपहरणकर्ता मोटरसाइकिल से सहारनपुर की तरफ से होते हुए फरार हुए हैं। अब पुलिस टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश में डटी हैं। अलग-अलग जिलों में सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। सीओ सिटी मनोज कुमार ठाकुर का कहना है कि अपहरणकर्ताओं की तलाश की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में टीमें लगी हुई हैं।