हरिद्वार। भूमि को जबरन बैनामा कराने में कुख्यात सुनील राठी की मदद लेने वाला जुबैर कबाड़ी 48 घंटे बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है।
ज्वालापुर पुलिस और एसओजी ने रविवार को कुख्यात सुनील राठी के दो गुर्गे ऋषभ व राहुल को दबोचा था। ये मोहल्ला मेहतान के रहने वाले पेशे से ठेकेदार गुफरान पर जबरन भूमि का बैनामा जुबैर आमल निवासी मैदानियान के नाम कर देने के दबाव बना रहे थे। यही नहीं जिला जेल में ठेकेदार की राठी से हुई मुलाकात के दौरान भी ये युवक मौजूद थे।
स्थानीय पुलिस ने ऋषभ व राहुल की भले ही गिरफ्तारी कर ली हो लेकिन अभी जुबैर कबाड़ी गिरफ्त में नहीं आ सका है।
बताते है कि मूल रुप से सहारनपुर के रहने वाले कबाड़ी ने कई वर्ष पूर्व हरिद्वार को अपना ठिकाना बनाया था और मौजूदा समय में ठीक ठाक संपत्ति जोड़ ली है। कबाड़ के कारोबार से जुड़े होने के चलते पुलिस से भी नजदीकियां चर्चा में है। इधर, पुलिस के रडार पर फाईनेंसर राजेश अरोड़ा भी है क्योंकि कुख्यात के गुर्गे कंबल व्यवसायी के यहां ही कार्यरत थे।
एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस संबंध में भी जांच कर रहे हैं। इस प्रकरण से यह भी साफ हो गया कि कुख्यात सुनील राठी दिल्ली की तिहाड़ जेल में मोबाइल फोन चला रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को बताया है कि 22 फरवरी को उसके मोबाइल फोन पर कॉल कर राठी ने हरिद्वार जेल में मुलाकात करने को कहा था। तब राठी यहां नहीं था बल्कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही था।